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Friday, November 6, 2009

सतरंगी परिभाषा - 4 "दोस्ती"


खाली जेब फिर भी
दुनिया भर की मस्ती है
ये जो दोस्ती है
एक विश्वाश की कश्ती है

- सुलभ 'सतरंगी'

8 comments:

Udan Tashtari said...

सही कहा!!

महफूज़ अली said...

खाली जेब फिर भी
दुनिया भर की मस्ती है
ये जो दोस्ती है
एक विश्वाश की कश्ती है ॥


wah! bahut khoob kaha....... dosti ki achchi paribhaasha gadhi hai.......

sada said...

बहुत ही अच्‍छी बात कहती हुई सुन्‍दर प्रस्‍तुति ।

अमिताभ श्रीवास्तव said...

char lino me sahi tathya

RAJNISH PARIHAR said...

kya steek baat ki hai sir ji..

अल्पना वर्मा said...

khoob!

राज भाटिय़ा said...

खाली जेब फिर भी
दुनिया भर की मस्ती है
बिलकुल सही कहा आप ने हम ने भी ऎसी मस्ती भरे दिन देखे है एक सिगरेट ओए दस पीने वाले लेकिन मजे दार-
धन्यवाद

akarshjoshi said...

bahut khub sulabh ...........

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जिंदगी हसीं है -
"खाने के लिए ज्ञान पचाने के लिए विज्ञान, सोने के लिए फर्श पहनने के लिए आदर्श, जीने के लिए सपने चलने के लिए इरादे, हंसने के लिए दर्द लिखने के लिए यादें... न कोई शिकायत न कोई कमी है, एक शायर की जिंदगी यूँ ही हसीं है... "