आज ठण्ड और कोहरा इतना ज्यादा है की पोस्ट लिखना तो दूर पोस्ट पढना भी मुश्किल हो रहा है.
शुक्र है एक छोटी सी कविता पढने को मिली, तो मैंने भी आज एक छोटी कविता कह दी.
शुक्र है एक छोटी सी कविता पढने को मिली, तो मैंने भी आज एक छोटी कविता कह दी.
सुबह देर तक
बंद रहे किवाड़
ठण्ड में सूरज भी कहाँ निकला
बंद रहे किवाड़
ठण्ड में सूरज भी कहाँ निकला
-सुलभ






