Showing posts with label vividh. Show all posts
Showing posts with label vividh. Show all posts
Thursday, January 14, 2010
मकर संक्रांति की पावन सुबह है ये सभी को बधाई!
Online in Hindi Posted by (Sulabh Jaiswal)
Sulabh Jaiswal "सुलभ"
समय
11:30 AM
10
टिप्पनियाँ (comments) अपनी प्रतिक्रिया दें...
पट्टियाँ (Labels for Hindi Poems):
makar sankranti,
vividh
Monday, January 4, 2010
छोटी सी ठंडी एक कविता
आज ठण्ड और कोहरा इतना ज्यादा है की पोस्ट लिखना तो दूर पोस्ट पढना भी मुश्किल हो रहा है.
शुक्र है एक छोटी सी कविता पढने को मिली, तो मैंने भी आज एक छोटी कविता कह दी.
शुक्र है एक छोटी सी कविता पढने को मिली, तो मैंने भी आज एक छोटी कविता कह दी.
सुबह देर तक
बंद रहे किवाड़
ठण्ड में सूरज भी कहाँ निकला
बंद रहे किवाड़
ठण्ड में सूरज भी कहाँ निकला
-सुलभ
Online in Hindi Posted by (Sulabh Jaiswal)
Sulabh Jaiswal "सुलभ"
समय
3:00 PM
21
टिप्पनियाँ (comments) अपनी प्रतिक्रिया दें...
Wednesday, December 16, 2009
चित्र कविता - 2 (एक ग़ज़ल)
पिछले दिनों नीरज जी की पोस्ट में यह चित्र देखा था. बहुत कुछ कह रहें है ये सजीव चित्र. इसे देखकर स्वतः ही लेखनी चल पड़ी. 

हँसते बोलते कहीं खो जाओ ये अच्छा तो नहीं है
अपने मन को बस दुखाओ ये अच्छा तो नहीं है
मैं जानता हूँ मेरी जाँ मैं तुमसे दूर हूँ बहुत
सोचकर यही तुम घबराओ ये अच्छा तो नहीं है
दिल तुम्हार नाजुक है यह मेरा दिल समझता है
याद करके धड़कन बढाओ ये अच्छा तो नहीं है
सफ़र से लौटूंगा जब भी पास तुम्हारे ही आऊंगा
इंतजार में आंसू बहाओ ये अच्छा तो नहीं है ॥
Online in Hindi Posted by (Sulabh Jaiswal)
Sulabh Jaiswal "सुलभ"
समय
11:15 AM
21
टिप्पनियाँ (comments) अपनी प्रतिक्रिया दें...
Subscribe to:
Posts (Atom)
