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अयं निज: परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारमनसानां तु वसुधैव कुटुंबकम्
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Thursday, April 1, 2010

खिलौने अकेले में रोते हैं






गुजरा वक़्त कब लौटा है
आंसू बह जाने के बाद


दीवानों के घर नहीं बसते
साकी औ' मयखाने के बाद

खिलौने अकेले में रोते हैं
बच्चों को हंसाने के बाद

पास कोई नज़र नहीं आता
आँखें बूढी हो जाने के बाद

यादों की उमर बढ़ती है
बचपन याद आने के बाद

"सुलभ" किसको क्या मिला
दिल किसी का दुखाने के बाद

(सतरंगी फिलोसफी से कुछ पंक्तियाँ )

Monday, November 23, 2009

सतरंगी परिभाषा - 'सपने', 'वक़्त' और 'मौत'

कल मन बड़ा दार्शनिक हो चला है। कहीं जल्दी ही बुढापा न आ जाए। वैसे भी आदरणीय श्री राज भाटिया जी मुझे बुजुर्ग सोच वाला नौजवान मानते हैं। तीन क्षणिकाएं हैं। तीनो को एक साथ यहाँ रखकर आज सतरंगी परिभाषा की श्रिंखला को यहीं समाप्त करता हूँ...

(9)


विकल्पों
से भरे जीवन में
जो पा लिया वो अपने हैं
जिनको पाना बाकी है
वही 'सपने' हैं

(10)

'वक़्त' आते-जाते साँसों का एक पुलिंदा है
यही सबसे बड़ी पूँजी है जिसकी
कमाई से आदमी जिंदा है
और जिसने गवांया इसको
वो
शर्मिन्दा है

(11)

'मौत' बलखाते जीवन का
अवसान है
किसी के नही होने का
प्राकृतिक प्रमाण है

- सुलभ जायसवाल 'सतरंगी'
(अपनी प्रकाशनाधीन पुस्तक सतरंगी फिलोसफी से चुने हुए कुछ ख़ास शब्द)

Monday, November 9, 2009

सतरंगी परिभाषा - 7 "सफलता" 8 "असफलता"

सफलता -
"बहुत कुछ देने के बाद
बदले में
बहुत कुछ पाने के बाद
एक खुशी मात्र है "

असफलता -
"एक खुशी का पीछा करने के दौरान
रास्ते में मिली कुछ ठोकरें "

- सुलभ 'सतरंगी'

Sunday, November 8, 2009

सतरंगी परिभाषा - 6 "दोस्त"


बेमजा बेरौनक बेकार
और बदरंग है जिंदगी
बगैर किसी दोस्त के
जैसे कोई दावत
बिन शोरबा बिन गोश्त के

- सुलभ 'सतरंगी'

Saturday, November 7, 2009

सतरंगी परिभाषा - 5 "नफरत"

नफरत एक शैतानी कीड़ा है
जो खामोशी में पलती है
राह चलते खुशबुओं को
फैलने से रोकती है
अक्सर प्यार की बात सुनकर
अपना दम तोड़ती है

- सुलभ 'सतरंगी'

Friday, November 6, 2009

सतरंगी परिभाषा - 4 "दोस्ती"


खाली जेब फिर भी
दुनिया भर की मस्ती है
ये जो दोस्ती है
एक विश्वाश की कश्ती है

- सुलभ 'सतरंगी'

Wednesday, November 4, 2009

सतरंगी परिभाषा - 3 "प्यार"


प्यार मतलब देने का नाम है
किसी से भी मिले
तो समझो वरदान है
खुशी में भी छलक जाये
ये
वो बेशकीमती आंसू है
प्यार के दम से
तकलीफ
में भी मुस्कान है

- सुलभ 'सतरंगी'

Tuesday, November 3, 2009

सतरंगी परिभाषा - 2 "दिल"

दिल लगा तो लगा अरमानो की जीत हुई
दिल टूटा तो जिंदगी ही ठूंठ हुई
दिल की बात करो तो झूमता है मन
जब धड़कन नही तो कहाँ जीवन

Sunday, November 1, 2009

सतरंगी परिभाषा - 1 "जिंदगी"

जिन्दगी क्या हुई
जैसे
शतरंज की बिसात

जो दिमाग से चले
तो लगी शह
जहाँ दिल पे लिया
तो हुई मात

लिंक विदइन

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जिंदगी हसीं है -
"खाने के लिए ज्ञान पचाने के लिए विज्ञान, सोने के लिए फर्श पहनने के लिए आदर्श, जीने के लिए सपने चलने के लिए इरादे, हंसने के लिए दर्द लिखने के लिए यादें... न कोई शिकायत न कोई कमी है, एक शायर की जिंदगी यूँ ही हसीं है... "