आँखों से वे जब भी बोले
राज वफ़ा के अपने खोले
दिल से दिल की बात हो गई
चुपके चुपके धीमे हौले
कैसे भूलूँ अपना बचपन
चार आने के चार टिकोले
(मेरे छोटे शहर अररिया जिला की स्थिति )
फसलें सूखी, भीगे सपने
बाढ़ से पहले बरसे शोले
पल में माशा पल में तोला
एक इंसां के कई कई चोले
छोटी छोटी गजलों में तू
सुंदर सुंदर शब्द पिरो ले
दुनिया भर के सुख को समेटे
देख साधू के सिर्फ एक झोले
बरसों बाद मिले हैं अपने
शिकवे सारे मन के धो ले
हाले दिल 'सुलभ' लिक्खा कर
पढ़ कर मन तो हल्का हो ले ||
राज वफ़ा के अपने खोले
दिल से दिल की बात हो गई
चुपके चुपके धीमे हौले
कैसे भूलूँ अपना बचपन
चार आने के चार टिकोले
(मेरे छोटे शहर अररिया जिला की स्थिति )
फसलें सूखी, भीगे सपने
बाढ़ से पहले बरसे शोले
पल में माशा पल में तोला
एक इंसां के कई कई चोले
छोटी छोटी गजलों में तू
सुंदर सुंदर शब्द पिरो ले
दुनिया भर के सुख को समेटे
देख साधू के सिर्फ एक झोले
बरसों बाद मिले हैं अपने
शिकवे सारे मन के धो ले
हाले दिल 'सुलभ' लिक्खा कर
पढ़ कर मन तो हल्का हो ले ||



