ये कैसी लड़ाई है कैसा ये आतंकवाद
मासूमो का खून बहाकर बोलते हैं जेहाद
बोलते हैं जेहाद अल्लाह के घर जाओगे
लेकिन उससे पहले तुम जानवर बन जाओगे
बम फटे मस्जिद में तो कभी देवालय में
महफूज़ छुपे बैठे हैं जो आतंक के मुख्यालय में
आतंक के मुख्यालय में साजिश वो रचते हैं
नादान नौजवान बलि का बकरा बनते हैं
रो रहा आमिर कासव क्या मिला मौत के बदले
अपने बुढडे आकाओं से हम क्यों मरे पहले ॥
Wednesday, December 3, 2008
आतंक का दर्द - एक सच्चाई
Online in Hindi Posted by (Sulabh Jaiswal)
Sulabh Jaiswal "सुलभ"
समय
11:22 AM
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Monday, December 1, 2008
विश्व एड्स दिवस - 1 दिसम्बर

एड्स एड्स एड्स विश्व जगत में हो रहा चर्चा
रोग ये लाईलाज़ है करवा दे लाखो खर्चा
करवा दे लाखो खर्चा नही कोई बात बनेगी
जबतक शिक्षा की मशाल हर कोने में न जलेगी
भेदभाव, लज्जा, भय मन मस्तिष्क से तुम मिटा दो
स्वच्छ समाज निर्माण में सबको जीने की राह दिखा दो.
Online in Hindi Posted by (Sulabh Jaiswal)
Sulabh Jaiswal "सुलभ"
समय
11:36 AM
0
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Sunday, November 30, 2008
सुनो नेताओं के गुणगान
राजनीत की रसोई में नित बनते नए पकवान
चुनावी हवा बह रही है सुनो नेताओं के गुणगान
सुनो नेताओं के गुणगान जो लगे हैं देश को बांटने
गली गली में घूम रहे हैं सिर्फ़ वोटरों को आंकने
कह सुलभ कविराय आज सुनलो सारे उम्मीदवार
सीधे नरक में जाओगे जो चुनोगे जाती-धर्म की दीवार ॥
- सुलभ 'सतरंगी'
Friday, November 28, 2008
भारत और आतंकवाद - लगता है हम असहाय हैं ...
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